यरमियाह 47:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 ग़ज़्ज़ा बेटी मातम के आलम में अपना सर मुँडवाएगी, अस्क़लून शहर मिसमार हो जाएगा। ऐ मैदानी इलाक़े के बचे हुए लोगो, तुम कब तक अपनी जिल्द को ज़ख़मी करते रहोगे? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 ग़ज़्ज़ा पर चन्दलापन आया है, अस्क़लोन अपनी वादी के बक़िये के साथ हलाक किया गया, तू कब तक अपने आप को काटता जाएगा Viz kapitola |