यरमियाह 46:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 लेकिन आज क़ादिरे-मुतलक़, रब्बुल-अफ़वाज का ही दिन है। इंतक़ाम के इस दिन वह अपने दुश्मनों से बदला लेगा। उस की तलवार उन्हें खा खाकर सेर हो जाएगी, और उनका ख़ून पी पीकर उस की प्यास बुझेगी। क्योंकि शिमाल में दरियाए-फ़ुरात के किनारे उन्हें क़ादिरे-मुतलक़, रब्बुल-अफ़वाज को क़ुरबान किया जाएगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 क्यूँकि यह ख़ुदावन्द रब्ब — उल — अफ़वाज का दिन, या'नी इन्तक़ाम का रोज़ है, ताकि वह अपने दुश्मनों से इन्तक़ाम ले। इसलिए तलवार खा जाएगी और सेर होगी, और उनके ख़ून से मस्त होगी; क्यूँकि ख़ुदावन्द रब्ब — उल — अफ़वाज के लिए उत्तरी सरज़मीन में दरिया — ए — फ़रात के किनारे एक ज़बीहा है। Viz kapitola |