यरमियाह 45:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 तो फिर तू अपने लिए क्यों बड़ी कामयाबी हासिल करने का आरज़ूमंद है? ऐसा ख़याल छोड़ दे, क्योंकि मैं तमाम इनसानों पर आफ़त ला रहा हूँ। यह रब का फ़रमान है। लेकिन जहाँ भी तू जाए वहाँ मैं होने दूँगा कि तेरी जान छूट जाए।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और क्या तू अपने लिए उमूर — ए — 'अज़ीम की तलाश में है? उनकी तलाश छोड़ दे; क्यूँकि ख़ुदावन्द फ़रमाता है: देख, मैं तमाम बशर पर बला नाज़िल करूँगा; लेकिन जहाँ कहीं तू जाए तेरी जान तेरे लिए ग़नीमत ठहराऊँगा।” Viz kapitola |