यरमियाह 4:30 - किताब-ए मुक़द्दस30 तो फिर तू क्या कर रही है, तू जिसे ख़ाक में मिला दिया गया है? अब क़िरमिज़ी लिबास और सोने के ज़ेवरात पहनने की क्या ज़रूरत है? इस वक़्त अपनी आँखों को सुरमे से सजाने और अपने आपको आरास्ता करने का कोई फ़ायदा नहीं। तेरे आशिक़ तो तुझे हक़ीर जानते बल्कि तुझे जान से मारने के दरपै हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 तब ऐ ग़ारतशुदा, तू क्या करेगी? अगरचे तू लाल जोड़ा पहने, अगरचे तू ज़र्रीन ज़ेवरों से आरास्ता हो, अगरचे तू अपनी आँखों में सुरमा लगाए, तू 'अबस अपने आपको ख़ूबसूरत बनाएगी; तेरे 'आशिक़ तुझ को हक़ीर जानेंगे, वह तेरी जान के तालिब होंगे। Viz kapitola |