यरमियाह 4:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 और रब की हयात की क़सम खाते वक़्त दियानतदारी, इनसाफ़ और सदाक़त से अपना वादा पूरा करे तो ग़ैरअक़वाम मुझसे बरकत पाकर मुझ पर फ़ख़र करेंगी।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 और अगर तू सच्चाई और 'अदालत और सदाक़त से ज़िन्दा ख़ुदावन्द की क़सम खाए, तो क़ौमें उसकी वजह से अपने आपको मुबारक कहेंगी और उस पर फ़ख़्र करेंगी।” Viz kapitola |