यरमियाह 3:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 क्या तू हमेशा तक मेरे साथ नाराज़ रहेगा? क्या तेरा क़हर कभी ठंडा नहीं होगा?’ यही तेरे अपने अलफ़ाज़ हैं, लेकिन साथ साथ तू ग़लत काम करने की हर मुमकिन कोशिश करती रहती है।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 क्या उसका क़हर हमेशा रहेगा? क्या वह उसे हमेशा तक रख छोड़ेगा? देख, तू ऐसी बातें तो कह चुकी, लेकिन जहाँ तक तुझ से हो सका तूने बुरे काम किए। Viz kapitola |