यरमियाह 2:33 - किताब-ए मुक़द्दस33 तू इश्क़ ढूँडने में कितनी माहिर है! बदकार औरतें भी तुझसे बहुत कुछ सीख लेती हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 तू तलब — ए इश्क में अपनी राह को कैसी आरास्ता करती है। यक़ीनन तूने फ़ाहिशा 'औरतों को भी अपनी राहें सिखाई हैं। Viz kapitola |