यरमियाह 16:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 रब फ़रमाता है, “ऐसे घर में मत जाना जिसमें कोई फ़ौत हो गया है। उसमें न मातम करने के लिए, न अफ़सोस करने के लिए दाख़िल होना। क्योंकि अब से मैं इस क़ौम पर अपनी सलामती, मेहरबानी और रहम का इज़हार नहीं करूँगा।” यह रब का फ़रमान है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 'इसलिए ख़ुदावन्द यूँ फ़रमाता है कि तू मातम वाले घर में दाख़िल न हो, और न उन पर रोने के लिए जा, न उन पर मातम कर; क्यूँकि ख़ुदावन्द फ़रमाता है कि मैंने अपनी सलामती और शफ़क़त — ओ — रहमत को इन लोगों पर से उठा लिया है। Viz kapitola |