क़ुज़ात 3:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 इसलिए कुछ देर के लिए ठहरे। लेकिन दरवाज़ा न खुला। इंतज़ार करते करते वह थक गए, लेकिन बेसूद, बादशाह ने दरवाज़ा न खोला। आख़िरकार उन्होंने चाबी ढूँडकर दरवाज़ों को खोल दिया और देखा कि मालिक की लाश फ़र्श पर पड़ी हुई है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 और वह ठहरे ठहरे शरमा भी गए, और जब देखा के वह बालाख़ाने के दरवाज़े नहीं खोलता, तो उन्होंने कुंजी ली और दरवाज़े खोले, और देखा कि उनका आक़ा ज़मीन पर मरा पड़ा है। Viz kapitola |