क़ुज़ात 2:19 - किताब-ए मुक़द्दस19 लेकिन उसके मरने पर वह दुबारा अपनी पुरानी राहों पर चलने लगते, बल्कि जब वह मुड़कर दीगर माबूदों की पैरवी और पूजा करने लगते तो उनकी रविश बापदादा की रविश से भी बुरी होती। वह अपनी शरीर हरकतों और हटधर्म राहों से बाज़ आने के लिए तैयार ही न होते। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201919 लेकिन जब वह क़ाज़ी मर जाता, तो वह फिरकर और मा'बूदों की पैरवी में अपने बाप — दादा से भी ज़्यादा बिगड़ जाते और उनकी इबादत करते और उनको सिज्दा करते थे; वह न तो अपने कामों से और न अपनी घमंडी के चाल — चलन से बाज़ आए। Viz kapitola |