क़ुज़ात 12:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 इफ़ताह ने एतराज़ किया, “जब मेरी और मेरी क़ौम का अम्मोनियों के साथ सख़्त झगड़ा छिड़ गया तो मैंने आपको बुलाया, लेकिन आपने मुझे उनके हाथ से न बचाया। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 इफ़्ताह ने उनको जवाब दिया कि मेरा और मेरे लोगों का बड़ा झगड़ा बनी 'अम्मून के साथ हो रहा था, और जब मैंने तुम को बुलवाया तो तुम ने उनके हाथ से मुझे न बचाया। Viz kapitola |