क़ुज़ात 11:37 - किताब-ए मुक़द्दस37 लेकिन मेरी एक गुज़ारिश है। मुझे दो माह की मोहलत दें ताकि मैं अपनी सहेलियों के साथ पहाड़ों में जाकर अपनी ग़ैरशादीशुदा हालत पर मातम करूँ।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201937 फिर उसने अपने बाप से कहा, “मेरे लिए इतना कर दिया जाए कि दो महीने की मोहलत मुझ को मिले, ताकि मैं जाकर पहाड़ों पर अपनी हमजोलियों के साथ अपने कुँवारेपन पर मातम करती फिरूं।” Viz kapitola |