याक़ूब 5:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 भाइयो, अब सब्र से ख़ुदावंद की आमद के इंतज़ार में रहें। किसान पर ग़ौर करें जो इस इंतज़ार में रहता है कि ज़मीन अपनी क़ीमती फ़सल पैदा करे। वह कितने सब्र से ख़रीफ़ और बहार की बारिशों का इंतज़ार करता है! Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 पस, ऐ भाइयों; ख़ुदावन्द की आमद तक सब्र करो देखो किसान ज़मीन की क़ीमती पैदावार के इन्तज़ार में पहले और पिछले बारिश के बरसने तक सब्र करता रहता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा7 इसलिये, ऐ भाईयों और बहनों। ख़ुदावन्द की दुबारा आमद तक सब्र करो। देखो, किसान ज़मीन से क़ीमती पैदावार हासिल करने के लिये मौसम-ए-ख़िज़ां और बरसात का सब्र से इन्तिज़ार करता है। Viz kapitola |