याक़ूब 2:17 - किताब-ए मुक़द्दस17 ग़रज़, महज़ ईमान काफ़ी नहीं। अगर वह नेक कामों से अमल में न लाया जाए तो वह मुरदा है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201917 इसी तरह ईमान भी अगर उसके साथ आ'माल न हों तो अपनी ज़ात से मुर्दा है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा17 ठीक इसी तरह से ईमान के साथ अगर आमाल न हो तो वो मुर्दा है। Viz kapitola |