याक़ूब 2:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 चुनाँचे जो कुछ भी आप कहते और करते हैं याद रखें कि आज़ाद करनेवाली शरीअत आपकी अदालत करेगी। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 तुम उन लोगों की तरह कलाम भी करो और काम भी करो जिनका आज़ादी की शरी'अत के मुवाफ़िक़ इन्साफ़ होगा। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा12 इसलिये तुम्हारा क़ौल-ओ-अमल उन लोगों की मानिन्द हो, जिन का इन्साफ़ आज़ादी की शरीअत के मुताबिक़ होगा। Viz kapitola |