याक़ूब 2:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 क्योंकि जिसने फ़रमाया, “ज़िना न करना” उसने यह भी कहा, “क़त्ल न करना।” हो सकता है कि आपने ज़िना तो न किया हो, लेकिन किसी को क़त्ल किया हो। तो भी आप उस एक जुर्म की वजह से पूरी शरीअत तोड़ने के मुजरिम बन गए हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 इसलिए कि जिसने ये फ़रमाया कि ज़िना न कर उसी ने ये भी फ़रमाया कि ख़ून न कर पस अगर तू ने ज़िना तो न किया मगर ख़ून किया तोभी तू शरी'अत का इन्कार करने वाला ठहरा। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा11 क्यूंके जिस ने फ़रमाया, “ज़िना न करना,” उस ने यह भी फ़रमाया, “तुम ख़ून न करना।” पस अगर तूने ज़िना तो नहीं किया मगर ख़ून कर डाला, तो भी तुम शरीअत का नाफ़रमान ठहरे। Viz kapitola |