याक़ूब 1:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 लेकिन अपनी गुज़ारिश ईमान के साथ पेश करें और शक न करें, क्योंकि शक करनेवाला समुंदर की मौज की मानिंद होता है जो हवा से इधर उधर उछलती बहती जाती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 मगर ईमान से माँगे और कुछ शक न करे क्यूँकि शक करने वाला समुन्दर की लहरों की तरह होता है जो हवा से बहती और उछलती हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 मगर ईमान के साथ मांगे और ज़रा शक न करे, क्यूंके शक करने वाला समुन्दर की लहर की मानिन्द होता है जो हवा के ज़ोर से बहती और उछलती रहती है। Viz kapitola |