यसायाह 66:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 जवाब में मैं भी उनसे बदसुलूकी की राह इख़्तियार करूँगा, मैं उन पर वह कुछ नाज़िल करूँगा जिससे वह दहशत खाते हैं। क्योंकि जब मैंने उन्हें आवाज़ दी तो किसी ने जवाब न दिया, जब मैं बोला तो उन्होंने न सुना बल्कि वही कुछ करते रहे जो मुझे बुरा लगा, वही करने पर तुले रहे जो मुझे नापसंद है।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 मैं भी उनके लिए आफ़तों को चुन लूँगा और जिन बातों से वह डरते हैं उन पर लाऊँगा क्यूँकि जब मैंने कलाम किया तो उनहोंने न सुना; बल्कि उन्होंने वही किया जो मेरी नज़र में बुरा था, और वह चीज़ पसन्द की जिससे मैं ख़ुश न था।” Viz kapitola |