यसायाह 1:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 अब तुम्हें मज़ीद कहाँ पीटा जाए? तुम्हारी ज़िद तो मज़ीद बढ़ती जा रही है गो पूरा सर ज़ख़मी और पूरा दिल बीमार है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 तुम क्यूँ ज़्यादा बग़ावत करके और मार खाओगे? तमाम सिर बीमार है और दिल बिल्कुल सुस्त है। Viz kapitola |