इबरानियों 5:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 और कोई अपनी मरज़ी से इमामे-आज़म का पुरवक़ार ओहदा नहीं अपना सकता बल्कि लाज़िम है कि अल्लाह उसे हारून की तरह बुलाकर मुक़र्रर करे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और कोई अपनी मर्ज़ी से इमाम — ए — आज़म का 'इज़्ज़त वाला ओह्दा नहीं अपना सकता बल्कि ज़रूरी है कि ख़ुदा उसे हारून की तरह बुला कर मुक़र्रर करे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 किसी भी शख़्स को आला काहिन होने की ये इज़्ज़त उस की अपनी कोशिश से हासिल नहीं होती, जब तक के वो हज़रत हारून की तरह ख़ुदा की तरफ़ से बुलाया न जाये। Viz kapitola |