इबरानियों 4:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 अब इसका मुक़ाबला मज़कूरा आयत से करें, “यह कभी उस मुल्क में दाख़िल नहीं होंगे जहाँ मैं उन्हें सुकून देता।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और फिर इस मुक़ाम पर है, “वो मेरे आराम में दाख़िल न होने पाएँगे।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 और फिर दूसरे मक़ाम पर फ़रमाता है, “ये लोग मेरी उस आरामगाह में हरगिज़ दाख़िल न होंगे।” Viz kapitola |