इबरानियों 12:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 जब हमारी तरबियत की जाती है तो उस वक़्त हम ख़ुशी महसूस नहीं करते बल्कि ग़म। लेकिन जिनकी तरबियत इस तरह होती है वह बाद में रास्तबाज़ी और सलामती की फ़सल काटते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 जब हमारी तर्बियत की जाती है तो उस वक़्त हम ख़ुशी मह्सूस नहीं करते बल्कि ग़म। लेकिन जिन की तर्बियत इस तरह होती है वह बाद में रास्तबाज़ी और सलामती की फ़सल काटते हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा11 इस में शक नहीं के जब तम्बीह की जाती है तो उस वक़्त वह ख़ुशी का नहीं बल्के ग़म का बाइस मालूम होती है मगर जो उसे सहे-सहे कर पुख़्ता हो गये हैं उन्हें बाद में रास्तबाज़ी और सलामती का अज्र मिलता है। Viz kapitola |