इबरानियों 10:33 - किताब-ए मुक़द्दस33 कभी कभी आपकी बेइज़्ज़ती और अवाम के सामने ही ईज़ारसानी होती थी, कभी कभी आप उनके साथी थे जिनसे ऐसा सुलूक हो रहा था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 कभी कभी आप की बेइज़्ज़ती और अवाम के सामने ही ईज़ा रसानी होती थी, कभी कभी आप उन के साथी थे जिन से ऐसा सुलूक हो रहा था। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा33 यानी कभी तो लअन-तअन और मुसीबतों के बाइस तुम ख़ुद अवाम के सामने तमाशा बने और कभी तुम ने दूसरों की पूरी मदद की जो अज़ीय्यतें बर्दाश्त कर रहे थे। Viz kapitola |