गलतियों 6:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 हर एक अपना ज़ाती अमल परखे। फिर ही उसे अपने आप पर फ़ख़र का मौक़ा होगा और उसे किसी दूसरे से अपना मुवाज़ना करने की ज़रूरत न होगी। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 पस हर शख़्स अपने ही काम को आज़माले, इस सूरत में उसे अपने ही बारे में फ़ख़्र करने का मौक़ा'होगा न कि दूसरे के बारे में। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 चुनांचे हर शख़्स अपने ही किरदार का इम्तिहान ले। तो उसे किसी दूसरे से मुक़ाबला किये बग़ैर ख़ुद ही पर फ़ख़्र करने का मौक़ा मिलेगा, Viz kapitola |