गलतियों 6:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 बोझ उठाने में एक दूसरे की मदद करें, क्योंकि इस तरह आप मसीह की शरीअत पूरी करेंगे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 तुम एक दूसरे का बोझ उठाओ, और यूँ मसीह की शरी' अत को पूरा करो। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 एक दूसरे का बोझ उठाने में मददगार बनो, और यूं अलमसीह की शरीअत को पूरा करो। Viz kapitola |