गलतियों 6:13 - किताब-ए मुक़द्दस13 बात यह है कि जो अपना ख़तना कराते हैं वह ख़ुद शरीअत की पैरवी नहीं करते। तो भी यह चाहते हैं कि आप अपना ख़तना करवाएँ ताकि आपके जिस्म की हालत पर वह फ़ख़र कर सकें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 क्यूँकि ख़तना कराने वाले ख़ुद भी शरी'अत पर अमल नहीं करते, मगर तुम्हारा ख़तना इस लिए कराना चाहते हैं, कि तुम्हारी जिस्मानी हालत पर फ़ख़्र करें। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा13 क्यूंके ख़तना कराने वाले ख़ुद भी शरीअत पर अमल नहीं करते, लेकिन तुम्हें ख़तना कराने पर मजबूर करते हैं ताके वह फ़ख़्र कर सकें के तुम ने इस जिस्मानी रस्म को क़बूल कर लिया है। Viz kapitola |