गलतियों 5:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 मैं एक बार फिर इस बात की तसदीक़ करता हूँ कि जिसने भी अपना ख़तना करवाया उसका फ़र्ज़ है कि वह पूरी शरीअत की पैरवी करे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 बल्कि मैं हर एक ख़तना करने वाले आदमी पर फिर गवाही देता हूँ, कि उसे तमाम शरी'अत पर' अमल करना फ़र्ज़ है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 में हर उस आदमी से जो ख़तना कराता है बतौर गवाह यह कहता हूं के उसे सारी शरीअत पर अमल करना फ़र्ज़ है। Viz kapitola |