गलतियों 5:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 चूँकि हम रूह में ज़िंदगी गुज़ारते हैं इसलिए आएँ, हम क़दम बक़दम उसके मुताबिक़ चलते भी रहें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 अगर हम पाक रूह की वजह से ज़िंदा हैं, तो रूह के मुवाफ़िक़ चलना भी चाहिए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा25 अगर हम पाक रूह के सबब से ज़िन्दा हैं तो लाज़िम है के पाक रूह की हिदायत के मुवाफ़िक़ ज़िन्दगी गुज़ारें। Viz kapitola |