गलतियों 4:27 - किताब-ए मुक़द्दस27 क्योंकि कलामे-मुक़द्दस में लिखा है, “ख़ुश हो जा, तू जो बेऔलाद है, जो बच्चे को जन्म ही नहीं दे सकती। बुलंद आवाज़ से शादियाना बजा, तू जिसे पैदाइश का दर्द न हुआ। क्योंकि अब तर्क की हुई औरत के बच्चे शादीशुदा औरत के बच्चों से ज़्यादा हैं।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 क्यूँकि लिखा है, ''कि ऐ बाँझ, जिसके औलाद नहीं होती ख़ुशी मनह, तू जो दर्द — ए — ज़िह से नावाक़िफ़ है, आवाज़ ऊँची करके चिल्ला; क्यूँकि बेकस छोड़ी हुई की औलाद है शौहर वाली की औलाद से ज़्यादा होगी। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा27 क्यूंके किताब-ए-मुक़द्दस में लिख्खा है: “ऐ बांझ! तू जिस के औलाद नहीं होती, ख़ुशी मनाना; तू जो दर्देज़ेह से वाक़िफ़ नहीं, आवाज़ बुलन्द कर के चिल्ला; तूने जो कभी मेहनत नहीं की; क्यूंके बेकस छोड़ी हुई की औलाद शौहर वाली की औलाद से ज़्यादा होगी।” Viz kapitola |