गलतियों 4:20 - किताब-ए मुक़द्दस20 काश मैं उस वक़्त आपके पास होता ताकि फ़रक़ अंदाज़ में आपसे बात कर सकता, क्योंकि मैं आपके सबब से बड़ी उलझन में हूँ! Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 जी चाहता है कि अब तुम्हारे पास मौजूद होकर और तरह से बोलूँ क्यूँकि मुझे तुम्हारी तरफ़ से शुबह है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा20 मेरा जी चाहता है के अभी तुम्हारे पास पहुंच जाऊं और अपना लहजा बदल लूं क्यूंके में तुम्हारी तरफ़ से बड़ी उलझन में हूं। Viz kapitola |