गलतियों 4:14 - किताब-ए मुक़द्दस14 लेकिन अगरचे मेरी यह हालत आपके लिए आज़माइश का बाइस थी तो भी आपने मुझे हक़ीर न जाना, न मुझे नीच समझा, बल्कि आपने मुझे यों ख़ुशआमदीद कहा जैसा कि मैं अल्लाह का कोई फ़रिश्ता या मसीह ईसा ख़ुद हूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 और तुम ने मेरी उस जिस्मानी हालत को, जो तुम्हारी आज़माईश का ज़रिया थी, ना हक़ीर जाना, न उससे नफ़रत की; और ख़ुदा के फ़रिश्ते बल्कि मसीह ईसा की तरह मुझे मान लिया। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा14 मेरी बीमारी ने तुम्हें काफ़ी जिस्मानी अज़ीय्यतों में डाल दिया था। लेकिन इस के बावुजूद तुम ने न तो मुझे हक़ीर जान और न ही मुझ से नफ़रत की, बल्के मुझे ख़ुदा का फ़रिश्ता समझ कर अलमसीह ईसा की मानिन्द क़बूल किया। Viz kapitola |