गलतियों 3:23 - किताब-ए मुक़द्दस23 इससे पहले कि ईमान की यह राह दस्तयाब हुई शरीअत ने हमें क़ैद करके महफ़ूज़ रखा था। इस क़ैद में हम उस वक़्त तक रहे जब तक ईमान की राह ज़ाहिर नहीं हुई थी। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201923 ईमान के आने से पहले शरी'अत की मातहती में हमारी निगहबानी होती थी, और उस ईमान के आने तक जो ज़ाहिर होनेवाला था, हम उसी के पाबन्द रहे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा23 ईमान के ज़माने से पहले, हम शरीअत के तहत क़ैद में थे, और जो ईमान ज़ाहिर होने वाला था उस के आने तक हमारी यही हालत रही। Viz kapitola |