गलतियों 3:16 - किताब-ए मुक़द्दस16 अब ग़ौर करें कि अल्लाह ने अपने वादे इब्राहीम और उस की औलाद से ही किए। लेकिन जो लफ़्ज़ इबरानी में औलाद के लिए इस्तेमाल हुआ है इससे मुराद बहुत-से अफ़राद नहीं बल्कि एक फ़रद है और वह है मसीह। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201916 पस अब्रहाम और उसकी नस्ल से वा'दे किए गए। वो ये नहीं कहता, नस्लों से, जैसा बहुतों के वास्ते कहा जाता है: बल्कि जैसा एक के वास्ते, तेरी नस्ल को और वो मसीह है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा16 ख़ुदा ने हज़रत इब्राहीम और उस की नस्ल से वादे किये। सहीफ़ा ये नहीं कहता “तुम्हारी नस्लों से यानी कई नस्लें” यहां लफ़्ज़ “तुम्हारी नस्ल” से सिर्फ़ एक ही शख़्स मुराद है, यानी अलमसीह। Viz kapitola |