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गलतियों 3:10 - किताब-ए मुक़द्दस

10 लेकिन जो भी इस पर तकिया करते हैं कि हमें शरीअत की पैरवी करने से रास्तबाज़ क़रार दिया जाएगा उन पर अल्लाह की लानत है। क्योंकि कलामे-मुक़द्दस फ़रमाता है, “हर एक पर लानत जो शरीअत की किताब की तमाम बातें क़ायम न रखे, न इन पर अमल करे।”

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इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

10 क्यूँकि जितने शरी'अत के आ'माल पर तकिया करते है, वो सब ला'नत के मातहत हैं; चुनाँचे लिखा है, “जो कोई उन सब बातों को जो किताब में से लिखी है; क़ाईम न रहे वो ला'नती है।”

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उर्दू हमअस्र तरजुमा

10 मगर जितने शरीअत के आमाल पर तकिया करते हैं वह सब लानत के मातहत हैं। चुनांचे किताब-ए-मुक़द्दस यूं बयान करती है: “जो कोई शरीअत की किताब की सारी बातों पर अमल नहीं करता वह लानती है।”

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गलतियों 3:10

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