गलतियों 2:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 लेकिन हमने लमहा-भर उनकी बात न मानी और न उनके ताबे हुए ताकि अल्लाह की ख़ुशख़बरी की सच्चाई आपके दरमियान क़ायम रहे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 उनके ताबे रहना हम ने पल भर के लिए भी मंज़ूर ना किया, ताकि ख़ुशख़बरी की सच्चाई तुम में क़ाईम रहे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 लेकिन हम ने दम भर के लिये भी उन की इताअत क़बूल न की ताके ख़ुशख़बरी की सच्चाई तुम में क़ाइम रहे। Viz kapitola |