गलतियों 1:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 उसी का जलाल अबद तक होता रहे! आमीन। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 उसकी बड़ाई हमेशा से हमेशा तक होती रहे आमीन। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 उस की तम्जीद हमेशा तक होती रहे। आमीन। Viz kapitola |