हिज़क़ियेल 48:30 - किताब-ए मुक़द्दस30-34 यरूशलम शहर के 12 दरवाज़े होंगे। फ़सील की चारों दीवारें सवा दो दो किलोमीटर लंबी होंगी। हर दीवार के तीन दरवाज़े होंगे, ग़रज़ कुल बारह दरवाज़े होंगे। हर एक का नाम किसी क़बीले का नाम होगा। चुनाँचे शिमाल में रूबिन का दरवाज़ा, यहूदाह का दरवाज़ा और लावी का दरवाज़ा होगा, मशरिक़ में यूसुफ़ का दरवाज़ा, बिनयमीन का दरवाज़ा और दान का दरवाज़ा होगा, जुनूब में शमौन का दरवाज़ा, इशकार का दरवाज़ा और ज़बूलून का दरवाज़ा होगा, और मग़रिब में जद का दरवाज़ा, आशर का दरवाज़ा और नफ़ताली का दरवाज़ा होगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 और शहर के मख़ारिज यह हैं: उत्तर की तरफ़ की पैमाइश चार हज़ार पाँच सौ। Viz kapitola |