हिज़क़ियेल 1:28 - किताब-ए मुक़द्दस28 उसे देखकर क़ौसे-क़ुज़ह की वह आबो-ताब याद आती थी जो बारिश होते वक़्त बादल में दिखाई देती है। यों रब का जलाल नज़र आया। यह देखते ही मैं औंधे मुँह गिर गया। इसी हालत में कोई मुझसे बात करने लगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201928 जैसी उस कमान की सूरत है जो बारिश के दिन बादलों में दिखाई देती है वैसी ही आस — पास की उस जगमगाहट ज़ाहिर थी यह ख़ुदावन्द के जलाल का इज़हार था, और देखते ही मैं सिज्दे में गिरा और मैंने एक आवाज़ सुनी जैसे कोई बातें करता है। Viz kapitola |