हिज़क़ियेल 1:23 - किताब-ए मुक़द्दस23 चारों जानदार इस गुंबद के नीचे थे, और हर एक अपने परों को फैलाकर एक से बाईं तरफ़ के साथी और दूसरे से दाईं तरफ़ के साथी को छू रहा था। बाक़ी दो परों से वह अपने जिस्म को ढाँपे रखता था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201923 और उस फ़ज़ा के नीचे उनके पर एक दूसरे की सीध में थे हर एक दो परों से उनके बदनो का एक पहलू और दो परों से दूसरा हिस्सा छिपा था Viz kapitola |