हिज़क़ियेल 1:22 - किताब-ए मुक़द्दस22 जानदारों के सरों के ऊपर गुंबद-सा फैला हुआ था जो साफ़-शफ़्फ़ाफ़ बिल्लौर जैसा लग रहा था। उसे देखकर इनसान घबरा जाता था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201922 जानदारों के सरो के ऊपर की फ़ज़ा बिल्लोर की तरह चमक थी और उनके सरों के ऊपर फ़ैली थी। Viz kapitola |