14 जानदार ख़ुद इतनी तेज़ी से इधर उधर घूम रहे थे कि बादल की बिजली जैसे नज़र आ रहे थे।
14 और वह जानदार ऐसे हटते बढ़ते थे जैसे बिजली कौंध जाती है।