ख़ुरूज 4:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 लेकिन मूसा ने कहा, “मेरे आक़ा, मैं माज़रत चाहता हूँ, मैं अच्छी तरह बात नहीं कर सकता बल्कि मैं कभी भी यह लियाक़त नहीं रखता था। इस वक़्त भी जब मैं तुझसे बात कर रहा हूँ मेरी यही हालत है। मैं रुक रुककर बोलता हूँ।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 तब मूसा ने ख़ुदावन्द से कहा, “ऐ ख़ुदावन्द! मैं फ़सीह नहीं, न तो पहले ही था और न जब से तूने अपने बन्दे से कलाम किया बल्कि रुक — रुक कर बोलता हूँ और मेरी ज़बान कुन्दहै।” Viz kapitola |