ख़ुरूज 34:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 जब तू किसी जानवर को ज़बह करके क़ुरबानी के तौर पर पेश करता है तो उसके ख़ून के साथ ऐसी रोटी पेश न करना जिसमें ख़मीर हो। ईदे-फ़सह की क़ुरबानी से अगली सुबह तक कुछ बाक़ी न रहे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 “तू मेरी क़ुर्बानी का ख़ून ख़मीरी रोटी के साथ न पेश करना, और 'ईद — ए — फ़सह की क़ुर्बानी में से कुछ सुबह तक बाक़ी न रहने देना। Viz kapitola |