आस्तर 2:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 फिर उसके मुलाज़िमों ने ख़याल पेश किया, “क्यों न पूरी सलतनत में शहनशाह के लिए ख़ूबसूरत कुँवारियाँ तलाश की जाएँ? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 तब बादशाह के मुलाज़िम जो उसकी ख़िदमत करते थे कहने लगे, “बादशाह के लिए जवान ख़ूबसूरत कुंवारियाँ ढूँढी जाएँ। Viz kapitola |