इफ़िसियों 4:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 इसके बजाए हम मुहब्बत की रूह में सच्ची बात करके हर लिहाज़ से मसीह की तरफ़ बढ़ते जाएंगे जो हमारा सर है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 बल्कि मुहब्बत के साथ सच्चाई पर क़ाईम रहकर और उसके साथ जो सिर है, या; नी मसीह के साथ, पैवस्ता हो कर हर तरह से बढ़ते जाएँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा15 बल्के, हमें महब्बत के साथ हक़ पर क़ाइम रहना है, और अलमसीह के साथ पेवस्ता होकर बढ़ते जाना है क्यूंके वोही सर है यानी अलमसीह। Viz kapitola |