वाइज़ 7:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 किसी मामले का अंजाम उस की इब्तिदा से बेहतर है, सब्र करना मग़रूर होने से बेहतर है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 किसी बात का अन्जाम उसके आग़ाज़ से बेहतर है और बुर्दबार मुतकब्बिर मिज़ाज से अच्छा है। Viz kapitola |