वाइज़ 7:27 - किताब-ए मुक़द्दस27 वाइज़ फ़रमाता है, “यह सब कुछ मुझे मालूम हुआ जब मैंने मुख़्तलिफ़ बातें एक दूसरे के साथ मुंसलिक कीं ताकि सहीह नतायज तक पहुँचूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 देख, वा'इज़ कहता है, मैंने एक दूसरे से मुक़ाबला करके ये दरियाफ़्त किया है। Viz kapitola |