वाइज़ 2:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 फिर मैं हिकमत, बेहुदगी और हमाक़त पर ग़ौर करने लगा। मैंने सोचा, जो आदमी बादशाह की वफ़ात पर तख़्तनशीन होगा वह क्या करेगा? वही कुछ जो पहले भी किया जा चुका है! Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 और मैं हिकमत और दीवानगी और हिमाक़त के देखने पर मुतवज्जिह हुआ, क्यूँकि वह शख़्स जो बा'दशाह के बाद आएगा क्या करेगा? वही जो होता चला आया है। Viz kapitola |