वाइज़ 12:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 जवानी में ही अपने ख़ालिक़ को याद रख, इससे पहले कि मुसीबत के दिन आएँ, वह साल क़रीब आएँ जिनके बारे में तू कहेगा, “यह मुझे पसंद नहीं।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 और अपनी जवानी के दिनों में अपने ख़ालिक़ को याद कर, जब कि बुरे दिन हुनूज़ नहीं आए और वह बरस नज़दीक नहीं हुए, जिनमें तू कहेगा कि इनसे मुझे कुछ ख़ुशी नहीं। Viz kapitola |