वाइज़ 1:14 - किताब-ए मुक़द्दस14 मैंने तमाम कामों का मुलाहज़ा किया जो सूरज तले होते हैं, तो नतीजा यह निकला कि सब कुछ बातिल और हवा को पकड़ने के बराबर है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 मैंने सब कामों पर जो दुनिया में किए जाते हैं नज़र की; और देखो, ये सब कुछ बेकार और हवा की चरान है। Viz kapitola |